‘’बॉँधें
के गुणवत्ता आश्वासन’’ पर मार्च से प्रशिक्षण कार्यक्रम
दिनांक 8 मार्च से 16 मार्च, 2004 तक एन टी पी सी के मध्यम प्रबंधन
स्तर के इंजीनियरों के लिए ‘बॉंधों के गुणवत्ता आश्वासन’ पर
एक प्रशीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। दिनांक 8 मार्च
से 12 मार्च 2004 तक निर्धारित 5 दिवसीय प्रशीक्षण कार्यक्रम
सीएसएमआरएस में आयोजित किया गया था। तथा 15 तथा 16 मार्च,2004
का दो दिवसीय प्रशीक्षण काय्रक्रम टेहरी बॉंध में आयोजित किया
गया। एन टी पी सी के कुल 20 इंजीनियरों ने प्रशिक्षण मे भाग
लिए तथा उससे लाभ प्रपाप्त किया। एन टी पी सी के वरिष्ठ अधिकारियों,
श्री एस. पी. सिंह महाप्रबंधक(क्यू ए एंव आई), श्री दवें, महाप्रबंधक(सिविल)
तथा डा. एस एन. मंडल, सहायक महाप्रबंधक(क्यू ए एंव आई) ने उद्धाटन
सत्र में भाग लिया।
केमृसाअशा में प्रशिक्षण
ब्याख्यान दिये गये
जिनमें से 9 ब्याख्यान विभीन्न अन्य संगठनों से निमंत्रित 8
वक्ताओं ने दिए तथा 11 ब्याख्यान सी एस एम आर एस के 8 वरिष्ठ
अधिकारियों द्वारा दिये गये।ब्याख्यानों तथा वक्ताओं की सूची
निम्नानुसार है:-
निमंत्रित ब्याख्यान:-
वक्ता |
विषय |
| डा. शारदा, वरिष्ठ, भू विज्ञानी, जीएसआई |
बॉँध संस्थापन की भू तकनीकी समस्याए |
| श्री रमेश कुमार, उप निदेशक, के ज आ |
पृथ्वी तथा पाटन पत्थर बॉँध का आधारभूत विवेचन |
| श्री मनोहर कुशलानी, निदेशक, के ज आ |
पृथ्वी तथा पाटन पत्थर बॉँध साधन विनियोग |
| ओ.एस मौर्य, उपमहाप्रबंधक(क्यू सी)री एच डी सी |
टिहरी बॉँध के गुणवत्ता नियंत्रण पहलू |
| श्री महावीर
बिडासरिया, प्रबलित कंक्रीट निर्माण(आई) प्राइवेट लि.
इंदौर |
कृष्णा नदी (कर्नाटक) पर अलमाती बॉँध की नींव मे बीच
की दिवार(कर्टेन) की पतली भराई (ग्राउंटिंग) तथा विषम
विन्यास खेत्र का प्रबन्ध |
| मध्यप्रदेश में टिलर अर्दन बॉँध के
पुन: स्थापन के लिए पतली भराई(ग्राउंटिग) तकनीक |
| प्रोफेसर टी. रामामूर्ति |
ॐचे बॉँधों के लिए पाटन पत्थर का सामग्री लक्षण वणर्न |
| श्री एस. सी मित्तल, मुख्य इंजीनियर,
एन एच पी सी |
कंक्रीट की सतह वाले पाटन पत्थर बॉँध |
| डा. नरेश कुमार उपनिदेशक, के ज आ |
पृथ्वी तथा पाटन पत्थर बॉध निर्माण के लिए अभिकल्पना
पक्ष तथा गुणवत्ता नियंत्रण के दिशार्निदेश |
केमृसाअशा ब्याख्यान
वक्ता |
विषय |
| श्री मुरारी रत्नम , संयूक्त निदेशक |
कंक्रीट में स्थायित्वता समस्यायें केस हिस्ट्री |
| श्री एस. के. बब्बर, मु.अ.अ |
स्थल एंव बॉँधो के लए नींव मृदा अन्वेषण |
| स्थल एंव पाटन पत्थर बा।धें के गुणवत्ता
नियंत्रण पहलू |
| श्री एन. चनद्रशेखरन, मु.अ.अ |
कंक्रीट बॉँधों के गुणवत्ता नियंत्रण पहलू, स्टील फाइबर
|
| प्रबलित शॉटक्रीटींग |
| श्री डी. एन बैरा, व.अ.अ |
मृदा के लिए प्रयोगशाला अन्वेशण |
| सुश्री आर. चित्रा, व.अ.अ |
स्थल एंव पाटन पत्थर बॉँधों का स्थिरता विश्लेषण |
श्री एन.पी. हौकन्डवार, व.अ.अ
|
पाटन पत्थर सामग्री की दृढता एंव पिरूपण लक्षण वर्णन
|
श्री महावीर दिक्षित, व.अ.अ
|
पाटन पत्थर खदानों की पहचान तथा रॉकफिल सामग्री का प्रतिरूपण |
| श्री के. साई प्रसाद, अ.अ |
स्थल तथा पाटन पत्थर बॉँध निर्माण के लिए डिजाइन पक्ष
तथा गुणवत्ता नियंत्रण दिशा र्निदेश |
इसके अतिरिक्त प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों को निम्नलिखित केमृसाअशा
प्रयोगशालाओं मे ले जाया गया तथा प्रयोगशाला परीक्षण का प्रर्दशन
किया गया।
टिहरी बॉँध क्षेत्र में परीक्षण
प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों को टिहरी बॉँध क्षेत्र में ले जाया
गया। केमृसाअशा अधिकारियों की एक टीम, जिसमें व.अ.अ(एस-।।।,
एस आर ओं (जी एस बाई) व.अ.अं (आर एफ-।।) तथा स.अ.अ (एस आई)
शामिल है, प्रशिक्षणाधीन अधिकारियों के साथ टिहरी बॉँध क्षेत्र
में गई। अधिकारियों को निम्नलिखित स्थानों पर ले जाया गया।
-
बॉध की धुरी
के साथ निर्माण क्षेत्र
-
क्ले बारो क्षेत्र,
कोटि बारों क्षेत्र तथा स्टॉक ढेर।
- मृदा तथा कंक्रीट की गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशालायें
-
निरीक्षण दीर्धा
-
पतली भराई दीर्धा
-
दृष्टिकोण- अनुव्रस्थ
काट तथा बॉँध की योजना को दिखाया गया तथा विभिन्न ढांचों
की सुपरेखा को स्पष्ट किया गया।
-
विद्युत केन्द्र
इसके अतिरिक्त स्थल पर अधिकारियों के लिए निम्नलिखित परीक्षणों
का प्रर्दशन भी किया गया था:-
निर्माण सामग्री जैसे चिकनी मिट्टी का सार भाग (क्ले कोर),
परिस्कृत फिल्टर, अपरिष्कृत फिल्टर, शेल तथा रिप रैप के गुणत्ता
नियंत्रण पहलू संबंधी चर्चा भी हुई थी।
|